रास्तों पर खामोशी
चकित करती
निस्तब्धता भेदती कलेजे को
परसों जब सूनी नहीं थी
बेजां कंक्रीट व कोलतार
देखी कुछ पहले की निस्तब्धता
कानों पर रख हथेलियां
एक खेल के बाद
पटाखों के शोर में
आनंद ले रहे सभ्रांत जन तक
यह सूचना प्रसारित हुई
मारा गया एक नौजवान
काठ के मैदान में
और घरों में बंद पाये गये एक लाख आदमी
bahut sundar....
जवाब देंहटाएंbilkul mauju
जवाब देंहटाएंarthpurn bimb
good keep it up